(N/A) ऑक्सीकरण संख्या विधि को निम्नलिखित चरणों द्वारा समझाया जा सकता है:
चरण-$1$: प्रत्येक अभिकारक और उत्पाद के लिए सही रासायनिक सूत्र लिखें।
चरण-$2$: अभिक्रिया में सभी तत्वों को ऑक्सीकरण संख्या प्रदान करके उन परमाणुओं की पहचान करें जिनकी ऑक्सीकरण संख्या में परिवर्तन होता है।
चरण-$3$: प्रति परमाणु और संपूर्ण अणु या आयन के लिए ऑक्सीकरण संख्या में वृद्धि या कमी की गणना करें। यदि यह वृद्धि और कमी समान नहीं हैं,तो उन्हें बराबर करने के लिए उपयुक्त गुणांकों से गुणा करें।
चरण-$4$: यदि अभिक्रिया जलीय माध्यम में हो रही है,तो आयनों की भागीदारी को ध्यान में रखें। दोनों तरफ कुल आयनिक आवेश को बराबर करने के लिए उपयुक्त पक्ष में $H^{+}$ या $OH^{-}$ आयन जोड़ें। अम्लीय विलयन के लिए $H^{+}$ और क्षारीय विलयन के लिए $OH^{-}$ का उपयोग करें।
चरण-$5$: अभिकारकों या उत्पादों में जल $(H_{2}O)$ के अणु जोड़कर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या को संतुलित करें। अंत में,ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या की जांच करें। यदि दोनों तरफ ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या समान है,तो समीकरण संतुलित है।